मंगलवार, 24 जून 2014

गीत- मै जाग नही पाऊं मै सो नही पाऊं

मै जाग नही पाऊं, मै सो नही पाऊं
तेरी अदाओं के ही, गीत गुनगुनाऊं
मै जाग नही पाऊं, मै सो नही पाऊं
ये नागिन सी ज़ुल्फ़ें, जब दिल पे लहरायें
और शबनम सी ऑंखें, मदहोशी बरसायें
तो मै तेरे दिलकश, सपनो में खो जाऊं
मै जाग नही पाऊं, मै सो नही पाऊं
तेरी अदाओं के ही, गीत गुनगुनाऊं
जब साँझ लगे ढलने, तो तेरी याद सताए
फिर रात भर आँखों में, नींद कैसे आये
तब प्यार बनके तेरे, ख़्वाबों में रंग जाऊं
मै जाग नही पाऊं, मै सो नही पाऊं
तेरी अदाओं के ही, गीत गुनगुनाऊं
फ़लक पे चमकते सितारे, तेरी याद दिलाएं
रात में ठंडी हवा के झोंके, मेरा चैन चुराएं
बदलता रहूँ करबटें, फिर सो कैसे पाऊं
मै जाग नही पाऊं, मै सो नही पाऊं
तेरी अदाओं के ही, गीत गुनगुनाऊं

                                -नागेन्द्र दत्त शर्मा

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें