है यादों की सौगात
दिल में बसी।
याद मानो मुक़द्दर
बदल गया।
आही गया अंदाज़
रिश्ता निभाने का।
चंचल-चितवन
महके तन-मन।
दिल तेरी अदा से
एक नज़र में।
प्यार की, क़ि दिल
रौशन होगया।
मेरी चाहत के ढंग
दोनों निराले।
शंख बजे, दीप जले
याद आये तेरी।
उसका इश्के जुनूँ
था मेरे लिए।
चैन मेरा चुराया
मै क्या करूँ।
ज्यादा बन जाती है
अपनी दुश्मन।
हाथ तेरे हाथ में
भुलाऊँ कैसे?
मेरा अक्श आँखों में
ग़ज़ब ढाता है।
ऐसा किया बयां कि
शायरी होगयी।
समुन्दर जिसमे
डूब के जाना।
दुःख में आये काम
बाकी बेदाम।
तू ही प्यार, तू ही
बहार मेरी।
सताया प्यार ने
जो बेवफा था।
गांयें चंचल नैना
ज्यूँ तोता-मैना।
महके जीवन, क्या
रूप सलोना ?
दर्दे-वफ़ा, फिरभी
सतायें आप ?

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