सोमवार, 28 अप्रैल 2014

पर्यावरणीय 'हाइकू'

वृक्ष लगेंगे
मेघ बरसेंगे, रक्षित
मिटटी-पानी।
  •  
रहेगा कैसे
पर्यावरण जिन्दा, जो
आँगन गन्दा ?
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मिलके आओ
धरापे वृक्ष लगाओ
पर्यावरण बचाओ।
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प्लास्टिक करे
धरा को बंजर, न
माने मानव?
  •    
करो भू- श्रृंगार
उगाओ हरे वन
संवारो जीवन।
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बरखा आये
हरियाली लहलहाये
वृक्ष कर पायें।
  •  
पेड़-पौधे हैं 
धरा की सच्ची शान
मानव-आन।
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अमानुषी राज
प्रदूषणीय समाज
पनपे आज ?
  •  
पर्यावरण की
ता-ता-थैय्या, बचें पोखर
ताल-तलैया।
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वन घनेरा
खग-मृगों का डेरा
जीवन-सवेरा।
  •  
लिपटते मेघ 
पर्वतों से, लगती
छटा निराली।
  •  
भवन बने
कृषि-भूमिपे, उपजे
अन्न कहां ?
  •  
वन-पहाड़
पशु-पक्षी-रक्षण
है पर्यावरण।

 - नागेन्द्र दत्त शर्मा










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