क्या है 'हाइकू'?
गागर में सागर जैसा
सूक्षम सन्देश।
है मर्म पे प्रहार
न करे तलवार।
दे शब्द-सम्मान
हों सब हैरान
'हाइकू’ के शब्द
करे लक्ष्य पे वार
न करे तलवार।
करे लक्ष्य पे वार
न करे तलवार।
रंगीन पुष्प गुच्छ
देख मन स्वच्छ।
सूरज -चाँद -सितारे
कितने सारे !
वादा कर लाया कौन
कितने सारे?
सूरज भी है यहाँ
एक तेरे सिवा।
श्याम चदरिया
बिछ जाती सर्वत्र।
रवि प्रकट तुरंत
उषा की गोद में।
चाँद को हमेशा मगर
दीदार कभी-कभी।
चाँद-सूरज
है
माता-पिता जैसे
सभी सितारों के।
सूर्य की ऊष्णता-दोनों
जीवन- आवश्यकता।
नहीं जीवन, है मरण
माता-पिता जैसे
सभी सितारों के।
सूर्य की ऊष्णता-दोनों
जीवन- आवश्यकता।
नहीं जीवन, है मरण
यहाँ जीवोँ का ।
तोड़ ला दूँ चंदा-
सूरज अभी।
सूरज अभी।
तू ही सूरज और
धड़कन है।
चन्द्र सी शीतलता
मानव देवता। ।
सूरज का, निकली
बरात तारों की ।
निशा से चाँद लाया
बारात तारों की ।
चाँद छिपे निशा के
पहलू में ही ।
आगे कैसा है, क्या है?
किसने देखा ?
दिखा था फल-सरीखा
शिशु कपीश को।
तोड़ लाया टुकड़े असली
मानव चाँद से ।
स्वर्णिम रवि-रश्मियां
बेताब उषा का।
छिपते फिरें सारे
रवि-चाँद-तारे।
चाँद लाया बारात
जग-मग तारों की।
जो भी दीपक राखे
कौन बताएं वाके।
सूर्य-चन्द्रादि ग्रह
स्पेस-कुंडली में।
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