रविवार, 20 अप्रैल 2014

सूरज -चाँद - सितारोँ पर - 'हाइकू'


क्या है 'हाइकू'?
गागर में सागर जैसा
सूक्षम सन्देश।

'हाइकू' एक विचार
है मर्म पे प्रहार
न करे तलवार।

'हाइकू' है ज्ञान
दे शब्द-सम्मान
हों सब हैरान

'हाइकू’ के शब्द
करे लक्ष्य पे वार
न करे तलवार। 
  •  
हाइकू एक
रंगीन पुष्प गुच्छ
देख मन स्वच्छ।
  •  
फ़लक़ पे
सूरज -चाँद -सितारे
कितने सारे !

चाँद सितारे
वादा कर लाया कौन
कितने सारे?

चंदा भी है
सूरज भी है यहाँ
एक तेरे सिवा।

रवि के होते अस्त
श्याम चदरिया
बिछ जाती सर्वत्र।

निशा के होते अंत
रवि प्रकट तुरंत
उषा की  गोद में।

सूरज ढूंढ़ता है
चाँद को हमेशा मगर
दीदार कभी-कभी।

चाँद-सूरज है
माता-पिता जैसे
सभी सितारों के।

चन्द्र की शीतलता
सूर्य की ऊष्णता-दोनों
जीवन- आवश्यकता।
  •  
सूरज के बिना 
नहीं जीवन, है मरण
यहाँ जीवोँ  का । 
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तू कहे तो 
तोड़ ला दूँ चंदा-
सूरज अभी। 
  •  
तू ही चंदा
तू ही सूरज और
धड़कन है।

सूर्य सी ख्याति
चन्द्र सी शीतलता 
मानव  देवता। ।
  •  
निकाह चाँद-
सूरज का, निकली
बरात तारों की ।
  •  
ब्याह रचाने
निशा से चाँद लाया
बारात तारों की ।
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सूर्य-डर से
चाँद छिपे निशा के
पहलू में ही ।
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चाँद - सितारों से
आगे कैसा है, क्या है?
किसने देखा ?
  •  
सूर्य - विम्ब
दिखा था फल-सरीखा
शिशु कपीश को।
  •  
वादा पूरा हो
तोड़ लाया टुकड़े असली
मानव चाँद से ।
  •  
घूँघट खोलें
स्वर्णिम रवि-रश्मियां 
बेताब उषा का।
  •  
 नभ में मेघ
छिपते फिरें सारे
रवि-चाँद-तारे।
  •  
ब्याह निशा से
चाँद लाया बारात
जग-मग तारों की।
  •  
सूर्य के आगे
जो भी दीपक राखे
कौन बताएं वाके।
  •  
मानव खोजे
सूर्य-चन्द्रादि ग्रह
स्पेस-कुंडली में।


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